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ramayan 4.29.32: जो बन्दर पंद्रह दिन बाद यहाँ पहुँचेगा, उसे प्राणदण्ड दिया जाएगा। इसमें कोई संदेह नहीं करना चाहिए॥ 32॥   |   ramayan सर्ग 4.29: हनुमान जी के समझाने से सुग्रीव का नील को वानर-सैनिकों को एकत्र करने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 29: हनुमान जी के समझाने से सुग्रीव का नील को वानर-सैनिकों को एकत्र करने का आदेश देना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  4.29.32 
त्रिपञ्चरात्रादूर्ध्वं य: प्राप्नुयादिह वानर:।
तस्य प्राणान्तिको दण्डो नात्र कार्या विचारणा॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
जो बन्दर पंद्रह दिन बाद यहाँ पहुँचेगा, उसे प्राणदण्ड दिया जाएगा। इसमें कोई संदेह नहीं करना चाहिए॥ 32॥
 
The monkey who reaches here after fifteen days will be given death penalty. There should be no second thoughts in this.॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)