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ramayan 4.29.21: हे वानर और भालू समुदाय के स्वामी सुग्रीव! आप बलवान और अत्यंत वीर हैं; फिर भी दशरथनन्दन वानरों को श्री राम का प्रिय कार्य करने की आज्ञा देने में विलम्ब क्यों करते हैं?   |   ramayan सर्ग 4.29: हनुमान जी के समझाने से सुग्रीव का नील को वानर-सैनिकों को एकत्र करने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.29.21 
शक्तिमानतिविक्रान्तो वानरर्क्षगणेश्वर।
कर्तुं दाशरथे: प्रीतिमाज्ञायां किं नु सज्जसे॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे वानर और भालू समुदाय के स्वामी सुग्रीव! आप बलवान और अत्यंत वीर हैं; फिर भी दशरथनन्दन वानरों को श्री राम का प्रिय कार्य करने की आज्ञा देने में विलम्ब क्यों करते हैं?
 
Lord Sugriva of the monkey and bear community! You are powerful and extremely brave; Still, why does Dasharthanandan delay in ordering the monkeys to do the favorite work of Shri Ram? 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)