Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.28.8: 'यह बादल के गर्भ से निकलती हुई वर्षा की हवा, जो कपूर के समान शीतल और केवड़े की सुगंध से भरी हुई है, हाथों में लेकर पी जा सकती है। | ramayan सर्ग 4.28: श्रीराम के द्वारा वर्षा-ऋतु का वर्णन । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'यह बादल के गर्भ से निकलती हुई वर्षा की हवा, जो कपूर के समान शीतल और केवड़े की सुगंध से भरी हुई है, हाथों में लेकर पी जा सकती है।
‘This rainy breeze emerging from the belly of a cloud, cool like a lump of camphor and filled with the fragrance of kewada, can be taken into one's hands and drunk.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥