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पृथिवीमपि काकुत्स्थ ससागरवनाचलाम्।
परिवर्तयितुं शक्त: किं पुनस्तं हि रावणम्॥ ३८॥
अनुवाद
ककुत्स्थ! आप समुद्र, वन और पर्वतों सहित सम्पूर्ण पृथ्वी को उलट-पुलट कर सकते हैं; फिर उस रावण को मारना आपके लिए कौन-सी बड़ी बात है?॥ 38॥
Kakutstha! You can turn the whole earth upside down including the oceans, forests and mountains; then what is a big deal for you to kill that Ravana?॥ 38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥