Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.26.8-9h: हनुमान्जी के ऐसा कहने पर शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले बुद्धिमान और बातचीत में कुशल श्री रघुनाथजी ने उन्हें इस प्रकार उत्तर दिया- ॥8 1/2॥ | ramayan सर्ग 4.26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हनुमान्जी के ऐसा कहने पर शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले बुद्धिमान और बातचीत में कुशल श्री रघुनाथजी ने उन्हें इस प्रकार उत्तर दिया- ॥8 1/2॥
When Hanuman ji said this, Shri Raghunath ji, the wise one who killed the enemy warriors and was skilled in conversation, replied to him like this - ॥ 8 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥