Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.26.32-36: इसके बाद श्रेष्ठ वानरों ने नदियों, नालों, सभी दिशाओं के तीर्थस्थानों तथा समस्त समुद्रों से लाए गए शुद्ध जल को एकत्रित करके स्वर्ण कलशों में भर लिया। तत्पश्चात गज, गवाक्ष, गव्य, शरभ, गंधमादन, मैन्द, द्विविद, हनुमान् और जाम्बवान ने महर्षियों द्वारा बताई गई शास्त्रोक्त विधि के अनुसार स्वर्ण कलशों में रखे हुए स्वच्छ एवं सुगन्धित जल से बैल के सींगों द्वारा सुग्रीव का अभिषेक किया, जिस प्रकार वसुओं ने इन्द्र का अभिषेक किया था। | ramayan सर्ग 4.26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद श्रेष्ठ वानरों ने नदियों, नालों, सभी दिशाओं के तीर्थस्थानों तथा समस्त समुद्रों से लाए गए शुद्ध जल को एकत्रित करके स्वर्ण कलशों में भर लिया। तत्पश्चात गज, गवाक्ष, गव्य, शरभ, गंधमादन, मैन्द, द्विविद, हनुमान् और जाम्बवान ने महर्षियों द्वारा बताई गई शास्त्रोक्त विधि के अनुसार स्वर्ण कलशों में रखे हुए स्वच्छ एवं सुगन्धित जल से बैल के सींगों द्वारा सुग्रीव का अभिषेक किया, जिस प्रकार वसुओं ने इन्द्र का अभिषेक किया था।
After this, the best monkeys collected the pure water brought from the rivers, streams, places of pilgrimage in all directions and from all the oceans and kept it in golden urns. Then Gaja, Gavaksh, Gavya, Sharabha, Gandhamadan, Mainda, Dwivid, Hanuman and Jambavan, according to the scriptures prescribed by the great sages, anointed Sugriva through the horns of the bull with clean and fragrant water kept in golden pots, in the same way as the Vasus anointed Indra.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥