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ramayan 4.26.21-22h: महाबली और वीर सुग्रीव ने उन सबको उठ जाने का आदेश दिया और उन सबसे बात करके वह अपने भाई के सौम्य आंतरिक कक्ष में प्रवेश कर गया।   |   ramayan सर्ग 4.26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक  »  श्लोक 21-22h
 
 
श्लोक  4.26.21-22h 
सुग्रीव: प्रकृती: सर्वा: सम्भाष्योत्थाप्य वीर्यवान्॥ २१॥
भ्रातुरन्त:पुरं सौम्यं प्रविवेश महाबल:।
 
 
अनुवाद
महाबली और वीर सुग्रीव ने उन सबको उठ जाने का आदेश दिया और उन सबसे बात करके वह अपने भाई के सौम्य आंतरिक कक्ष में प्रवेश कर गया।
 
The mighty and valiant Sugreeva ordered them all to get up, and after talking to them all he entered his brother's gentle inner chamber. 21 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)