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ramayan 4.26.20-21h: वानरराज को देखकर सभी लोग और अन्य जीव-जंतु एकाग्रचित्त होकर पृथ्वी पर सिर झुकाकर उन्हें प्रणाम करने लगे।   |   ramayan सर्ग 4.26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  4.26.20-21h 
तत: प्रकृतय: सर्वा दृष्ट्वा हरिगणेश्वरम्॥ २०॥
प्रणम्य मूर्ध्ना पतिता वसुधायं समाहिता:।
 
 
अनुवाद
वानरराज को देखकर सभी लोग और अन्य जीव-जंतु एकाग्रचित्त होकर पृथ्वी पर सिर झुकाकर उन्हें प्रणाम करने लगे।
 
Seeing the Monkey King, all the people and other living creatures concentrated on their minds and bowed their heads to the earth and paid their obeisance to him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)