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ramayan 4.26.18-19h: श्री राम की यह आज्ञा पाकर वानरश्रेष्ठ सुग्रीव बालि द्वारा रक्षित सुन्दर किष्किन्धा नगरी में गया।   |   ramayan सर्ग 4.26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  4.26.18-19h 
इति रामाभ्यनुज्ञात: सुग्रीवो वानरर्षभ:॥ १८॥
प्रविवेश पुरीं रम्यां किष्किन्धां वालिपालिताम्।
 
 
अनुवाद
श्री राम की यह आज्ञा पाकर वानरश्रेष्ठ सुग्रीव बालि द्वारा रक्षित सुन्दर किष्किन्धा नगरी में गया।
 
On receiving this command from Shri Rama, the best of the monkeys Sugreeva went to the beautiful Kishkinda city which was protected by Vali. 18 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)