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ramayan 4.26.14: सौम्य! वर्षा ऋतु कहे जाने वाले चार महीने आ गए हैं। इनमें से पहला महीना, जल लाने वाला श्रावण, आरम्भ हो गया है॥ 14॥   |   ramayan सर्ग 4.26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  4.26.14 
पूर्वोऽयं वार्षिको मास: श्रावण: सलिलागम:।
प्रवृत्ता: सौम्य चत्वारो मासा वार्षिक संज्ञिता:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
सौम्य! वर्षा ऋतु कहे जाने वाले चार महीने आ गए हैं। इनमें से पहला महीना, जल लाने वाला श्रावण, आरम्भ हो गया है॥ 14॥
 
‘Soumya! The four months called the rainy season have arrived. The first month of these, Shravan, which brings water, has begun.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)