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ramayan 4.26.10-11h: वीर एवं वानरों में श्रेष्ठ सुग्रीव इस समृद्ध एवं दिव्य गुफा में प्रवेश करें और वहाँ शीघ्र ही राजा के रूप में उनका अभिषेक किया जाए।’ ॥10 1/2॥   |   ramayan सर्ग 4.26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  4.26.10-11h 
सुसमृद्धां गुहां दिव्यां सुग्रीवो वानरर्षभ:॥ १०॥
प्रविष्टो विधिवद् वीर: क्षिप्रं राज्येऽभिषिच्यताम्।
 
 
अनुवाद
वीर एवं वानरों में श्रेष्ठ सुग्रीव इस समृद्ध एवं दिव्य गुफा में प्रवेश करें और वहाँ शीघ्र ही राजा के रूप में उनका अभिषेक किया जाए।’ ॥10 1/2॥
 
The brave and foremost of monkeys, Sugreeva, should enter this prosperous and divine cave and he should be anointed as the king there as soon as possible.' ॥10 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)