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ramayan 4.25.47: हे शत्रुओं का नाश करनेवाले! इन मन्त्रियों को पहले की भाँति विदा कर दीजिए। तब हम सब लोग प्रेम में मग्न होकर इन वनों में आपके साथ क्रीड़ा करेंगे।॥47॥   |   ramayan सर्ग 4.25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  4.25.47 
विसर्जयैनान् सचिवान् यथापुरमरिंदम।
तत: क्रीडामहे सर्वा वनेषु मदनोत्कटा:॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
हे शत्रुओं का नाश करनेवाले! इन मन्त्रियों को पहले की भाँति विदा कर दीजिए। तब हम सब लोग प्रेम में मग्न होकर इन वनों में आपके साथ क्रीड़ा करेंगे।॥47॥
 
‘O destroyer of enemies! Please send these ministers away as before. Then all of us, intoxicated with love, will play with you in these forests.’॥ 47॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)