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ramayan 4.25.43: हे वानरराज! भगवान राम के रूप में स्वयं मृत्यु ने ही युद्धभूमि में एक ही बाण मारकर हम सबको विधवा बना दिया है और अब वह तुम्हें ले जा रहा है।   |   ramayan सर्ग 4.25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  4.25.43 
एष त्वां रामरूपेण काल: कर्षति वानर।
येन स्म विधवा: सर्वा: कृता एकेषुणा रणे॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
हे वानरराज! भगवान राम के रूप में स्वयं मृत्यु ने ही युद्धभूमि में एक ही बाण मारकर हम सबको विधवा बना दिया है और अब वह तुम्हें ले जा रहा है।
 
O King of Monkeys! In the form of Lord Rama, it is Death himself who has made us all widows by shooting a single arrow on the battlefield, and is taking you away.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)