Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.25.18: जो बलवान और योग्य वानर पालकी उठाने में समर्थ हैं, वे तैयार हो जाएँ। वे बालि को यहाँ से श्मशान ले जाएँगे।॥18॥   |   ramayan सर्ग 4.25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  4.25.18 
सज्जीभवन्तु प्लवगा: शिबिकावाहनोचिता:।
समर्था बलिनश्चैव निर्हरिष्यन्ति वालिनम्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
जो बलवान और योग्य वानर पालकी उठाने में समर्थ हैं, वे तैयार हो जाएँ। वे बालि को यहाँ से श्मशान ले जाएँगे।॥18॥
 
‘The strong and capable monkeys who are capable of carrying the palanquin should get ready. They will take Vali from here to the cremation ground.’॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)