Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.25.11: वानरों के सरदार बालि ने जो उत्तम गति प्राप्त की है, वह यही है। अतः अब उसके लिए शोक करना व्यर्थ है। इस समय जो कर्तव्य तुम्हारे सामने है, उसे पूरा करो।॥11॥ | ramayan सर्ग 4.25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वानरों के सरदार बालि ने जो उत्तम गति प्राप्त की है, वह यही है। अतः अब उसके लिए शोक करना व्यर्थ है। इस समय जो कर्तव्य तुम्हारे सामने है, उसे पूरा करो।॥11॥
This is the best state that the leader of the monkeys, Vali, has achieved. So it is useless to mourn for him now. Complete the duty that is before you at this time.'॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥