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ramayan 4.24.5: 'श्रीराम! राजा बालि की मृत्यु के पश्चात् रानी तारा अत्यन्त शोक कर रही हैं। सारा नगर शोक से रो रहा है और राजकुमार अंगद का जीवन भी संकट में है। इन सब कारणों से अब मेरा राज्य करने में मन नहीं लग रहा है।॥5॥   |   ramayan सर्ग 4.24: सुग्रीव का शोकमग्न होकर श्रीराम से प्राणत्याग के लिये आज्ञा माँगना, तारा का श्रीराम से अपने वध के लिये प्रार्थना करना और श्रीराम का उसे समझाना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 24: सुग्रीव का शोकमग्न होकर श्रीराम से प्राणत्याग के लिये आज्ञा माँगना, तारा का श्रीराम से अपने वध के लिये प्रार्थना करना और श्रीराम का उसे समझाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  4.24.5 
अस्यां महिष्यां तु भृशं रुदत्यां
पुरेऽतिविक्रोशति दु:खतप्ते।
हते नृपे संशयितेऽङ्गदे च
न राम राज्ये रमते मनो मे॥ ५॥
 
 
अनुवाद
'श्रीराम! राजा बालि की मृत्यु के पश्चात् रानी तारा अत्यन्त शोक कर रही हैं। सारा नगर शोक से रो रहा है और राजकुमार अंगद का जीवन भी संकट में है। इन सब कारणों से अब मेरा राज्य करने में मन नहीं लग रहा है।॥5॥
 
‘Shri Ram! Queen Tara is mourning a lot after the death of King Vali. The whole city is crying in grief and the life of Prince Angada is also in doubt. Due to all these reasons, I no longer feel like ruling the kingdom.॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)