Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.24.43: तुम्हें पहले की तरह अपार सुख और आनन्द मिलेगा और तुम्हारा पुत्र युवराज बनेगा। यही विधाता का विधान है। वीर योद्धाओं की पत्नियाँ इस प्रकार शोक नहीं करतीं। (अतः तुम भी शोक करना छोड़ दो और शान्त हो जाओ)।" | ramayan सर्ग 4.24: सुग्रीव का शोकमग्न होकर श्रीराम से प्राणत्याग के लिये आज्ञा माँगना, तारा का श्रीराम से अपने वध के लिये प्रार्थना करना और श्रीराम का उसे समझाना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रीतिं परां प्राप्स्यसि तां तथैव
पुत्रश्च ते प्राप्स्यति यौवराज्यम्।
धात्रा विधानं विहितं तथैव
न शूरपत्न्य: परिदेवयन्ति॥ ४३॥
अनुवाद
तुम्हें पहले की तरह अपार सुख और आनन्द मिलेगा और तुम्हारा पुत्र युवराज बनेगा। यही विधाता का विधान है। वीर योद्धाओं की पत्नियाँ इस प्रकार शोक नहीं करतीं। (अतः तुम भी शोक करना छोड़ दो और शान्त हो जाओ)।"
‘You will get immense happiness and joy as before and your son will become the crown prince. This is the law of the Creator. The wives of brave warriors do not mourn in this manner. (So you too should stop mourning and calm down)’.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥