Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.24.30: शोक के कारण वह अपने शरीर की सुध-बुध खो बैठी थी। भगवान राम शुद्ध हृदय वाले, युद्ध में अत्यन्त कुशल तथा लक्ष्यभेदन में अचूक थे। उनके पास पहुँचकर बुद्धिमान तारा इस प्रकार बोली -॥30॥ | ramayan सर्ग 4.24: सुग्रीव का शोकमग्न होकर श्रीराम से प्राणत्याग के लिये आज्ञा माँगना, तारा का श्रीराम से अपने वध के लिये प्रार्थना करना और श्रीराम का उसे समझाना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शोक के कारण वह अपने शरीर की सुध-बुध खो बैठी थी। भगवान राम शुद्ध हृदय वाले, युद्ध में अत्यन्त कुशल तथा लक्ष्यभेदन में अचूक थे। उनके पास पहुँचकर बुद्धिमान तारा इस प्रकार बोली -॥30॥
Due to grief she had lost all sense of her own body. Lord Rama was of pure heart and was the most skilled in the battlefield and was unerring in hitting the target. Reaching him the intelligent Tara spoke thus -॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥