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श्लोक 4.24.22  |
सोऽहं प्रवेक्ष्याम्यतिदीप्तमग्निं
भ्रात्रा च पुत्रेण च सख्यमिच्छन्।
इमे विचेष्यन्ति हरिप्रवीरा:
सीतां निदेशे परिवर्तमाना:॥ २२॥ |
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| अनुवाद |
| अतः मैं अपने भाई और पुत्र के साथ जाने की इच्छा से जलती हुई अग्नि में प्रवेश करूँगा। ये वीर वानर आपकी आज्ञा से सीता की खोज करेंगे॥ 22॥ |
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| ‘Therefore, I will enter the burning fire with the desire to accompany my brother and son. These brave monkeys will search for Sita under your command.॥ 22॥ |
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