श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 24: सुग्रीव का शोकमग्न होकर श्रीराम से प्राणत्याग के लिये आज्ञा माँगना, तारा का श्रीराम से अपने वध के लिये प्रार्थना करना और श्रीराम का उसे समझाना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  4.24.22 
सोऽहं प्रवेक्ष्याम्यतिदीप्तमग्निं
भ्रात्रा च पुत्रेण च सख्यमिच्छन्।
इमे विचेष्यन्ति हरिप्रवीरा:
सीतां निदेशे परिवर्तमाना:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
अतः मैं अपने भाई और पुत्र के साथ जाने की इच्छा से जलती हुई अग्नि में प्रवेश करूँगा। ये वीर वानर आपकी आज्ञा से सीता की खोज करेंगे॥ 22॥
 
‘Therefore, I will enter the burning fire with the desire to accompany my brother and son. These brave monkeys will search for Sita under your command.॥ 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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