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श्लोक 4.24.19  |
महाबलानां हरियूथपाना-
मिदं कुलं राघव मन्निमित्तम्।
अस्याङ्गदस्यापि च शोकतापा-
दर्धस्थितप्राणमितीव मन्ये॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| रघुनाथजी! मेरे ही कारण वालि मारा गया, जिससे इस अंगद का शोक और शोक भी बढ़ गया और इसीलिए यह महाबली वानर योद्धाओं का समूह आधा मरा हुआ सा दिखाई देता है॥19॥ |
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| Raghunathji! Because of me Vali was killed, due to which this Angad's grief and sorrow also increased and that is why this group of mighty monkey warriors looks half dead.॥ 19॥ |
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