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ramayan 4.24.19: रघुनाथजी! मेरे ही कारण वालि मारा गया, जिससे इस अंगद का शोक और शोक भी बढ़ गया और इसीलिए यह महाबली वानर योद्धाओं का समूह आधा मरा हुआ सा दिखाई देता है॥19॥   |   ramayan सर्ग 4.24: सुग्रीव का शोकमग्न होकर श्रीराम से प्राणत्याग के लिये आज्ञा माँगना, तारा का श्रीराम से अपने वध के लिये प्रार्थना करना और श्रीराम का उसे समझाना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 24: सुग्रीव का शोकमग्न होकर श्रीराम से प्राणत्याग के लिये आज्ञा माँगना, तारा का श्रीराम से अपने वध के लिये प्रार्थना करना और श्रीराम का उसे समझाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.24.19 
महाबलानां हरियूथपाना-
मिदं कुलं राघव मन्निमित्तम्।
अस्याङ्गदस्यापि च शोकतापा-
दर्धस्थितप्राणमितीव मन्ये॥ १९॥
 
 
अनुवाद
रघुनाथजी! मेरे ही कारण वालि मारा गया, जिससे इस अंगद का शोक और शोक भी बढ़ गया और इसीलिए यह महाबली वानर योद्धाओं का समूह आधा मरा हुआ सा दिखाई देता है॥19॥
 
Raghunathji! Because of me Vali was killed, due to which this Angad's grief and sorrow also increased and that is why this group of mighty monkey warriors looks half dead.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)