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भ्रातृत्वमार्यभावश्च धर्मश्चानेन रक्षित:।
मया क्रोधश्च कामश्च कपित्वं च प्रदर्शितम्॥ १२॥
अनुवाद
उसने भाईचारे की भावना, साधुभाव और धर्म की रक्षा की है; परंतु मैंने तो केवल काम, क्रोध और वानर-सी चंचलता ही प्रकट की है॥12॥
He has protected the feeling of brotherhood, the feeling of being a saint and the Dharma as well; but I have only displayed lust, anger and the ape-like fickleness.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥