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ramayan 4.24.1: अत्यन्त वेगवान तथा असह्य शोक के समुद्र में डूबी हुई तारा को देखकर वालि का छोटा भाई, तेजस्विनी सुग्रीव उस समय अपने भाई की मृत्यु से अत्यन्त शोकग्रस्त हो गया।   |   ramayan सर्ग 4.24: सुग्रीव का शोकमग्न होकर श्रीराम से प्राणत्याग के लिये आज्ञा माँगना, तारा का श्रीराम से अपने वध के लिये प्रार्थना करना और श्रीराम का उसे समझाना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 24: सुग्रीव का शोकमग्न होकर श्रीराम से प्राणत्याग के लिये आज्ञा माँगना, तारा का श्रीराम से अपने वध के लिये प्रार्थना करना और श्रीराम का उसे समझाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  4.24.1 
तामाशु वेगेन दुरासदेन
त्वभिप्लुतां शोकमहार्णवेन।
पश्यंस्तदा वाल्यनुजस्तरस्वी
भ्रातुर्वधेनाप्रतिमेन तेपे॥ १॥
 
 
अनुवाद
अत्यन्त वेगवान तथा असह्य शोक के समुद्र में डूबी हुई तारा को देखकर वालि का छोटा भाई, तेजस्विनी सुग्रीव उस समय अपने भाई की मृत्यु से अत्यन्त शोकग्रस्त हो गया।
 
Looking at Tara who was extremely swift and drowned in the sea of ​​unbearable grief, Vali's younger brother, the swift Sugreeva, was at that time greatly grieved at the death of his brother.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)