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ramayan 4.23.23-24h: पुत्र! तुम्हारे पिता राजा बाली, जिनका रंग प्रातःकालीन सूर्य के समान गौर था, अब यमलोक चले गए हैं। उन्होंने तुम्हारा बहुत आदर किया था। तुम उनके चरणों में प्रणाम करो।'   |   ramayan सर्ग 4.23: तारा का विलाप   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.23.23-24h 
बालसूर्योज्ज्वलतनुं प्रयातं यमसादनम्॥ २३॥
अभिवादय राजानं पितरं पुत्र मानदम्।
 
 
अनुवाद
पुत्र! तुम्हारे पिता राजा बाली, जिनका रंग प्रातःकालीन सूर्य के समान गौर था, अब यमलोक चले गए हैं। उन्होंने तुम्हारा बहुत आदर किया था। तुम उनके चरणों में प्रणाम करो।'
 
Son! Your father King Vali, who had a fair complexion like the morning sun, has now gone to Yamaloka. He respected you a lot. You bow down to his feet.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)