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ramayan 4.23.21-22h: अपने मारे हुए पति के शरीर के सभी अंगों को रक्त से भीगा हुआ देखकर पत्नी तारा ने अपने भूरे नेत्रों वाले पुत्र अंगद से कहा - 21 1/2॥   |   ramayan सर्ग 4.23: तारा का विलाप   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.23.21-22h 
रुधिरोक्षितसर्वाङ्गं दृष्ट्वा विनिहतं पतिम्॥ २१॥
उवाच तारा पिङ्गाक्षं पुत्रमङ्गदमङ्गना।
 
 
अनुवाद
अपने मारे हुए पति के शरीर के सभी अंगों को रक्त से भीगा हुआ देखकर पत्नी तारा ने अपने भूरे नेत्रों वाले पुत्र अंगद से कहा - 21 1/2॥
 
Seeing all the body parts of her murdered husband drenched in blood, wife Tara said to her brown eyed son Angad - 21 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)