Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.22.1: वालि की साँसें धीमी हो गई थीं। वह भारी साँस लेते हुए धीरे-धीरे इधर-उधर देखने लगा। सबसे पहले उसने अपने छोटे भाई सुग्रीव को अपने सामने खड़ा देखा॥1॥ | ramayan सर्ग 4.22: वाली का सुग्रीव और अङ्गद से अपने मन की बात कहकर प्राणों को त्याग देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वालि की साँसें धीमी हो गई थीं। वह भारी साँस लेते हुए धीरे-धीरे इधर-उधर देखने लगा। सबसे पहले उसने अपने छोटे भाई सुग्रीव को अपने सामने खड़ा देखा॥1॥
Vali's breathing had slowed down. He started looking around slowly, breathing heavily. First of all, he saw his younger brother Sugreeva standing in front of him.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥