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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 21: हनुमान जी का तारा को समझाना और तारा का पति के अनुगमन का ही निश्चय करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.21.9 
ताविमौ शोकसंतप्तौ शनै: प्रेरय भामिनि।
त्वया परिगृहीतोऽयमङ्गद: शास्तु मेदिनीम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'भामिनी! अंगद और सुग्रीव दोनों शोक से व्याकुल हैं। आप उन्हें भावी कार्य के लिए प्रेरित करें। अंगद आपके अधीन होकर इस पृथ्वी पर शासन करें।'
 
‘Bhamini! Both Angad and Sugriva are distressed with grief. You inspire them for future work. May Angad rule this earth under your control. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)