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ramayan 4.21.8: हे सती साध्वी देवी! ये समस्त महावानर, आपके पुत्र अंगद तथा यह वानरों और भालुओं का राज्य - इन सबका पालन आप ही करती हैं - आप ही इन सबकी स्वामिनी हैं।   |   ramayan सर्ग 4.21: हनुमान जी का तारा को समझाना और तारा का पति के अनुगमन का ही निश्चय करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 21: हनुमान जी का तारा को समझाना और तारा का पति के अनुगमन का ही निश्चय करना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  4.21.8 
सर्वे च हरिशार्दूला: पुत्रश्चायं तवाङ्गद:।
हर्यृक्षपतिराज्यं च त्वत्सनाथमनिन्दिते॥ ८॥
 
 
अनुवाद
हे सती साध्वी देवी! ये समस्त महावानर, आपके पुत्र अंगद तथा यह वानरों और भालुओं का राज्य - इन सबका पालन आप ही करती हैं - आप ही इन सबकी स्वामिनी हैं।
 
Sati Sadhavi Devi! All these great monkeys, your son Angad and this kingdom of monkeys and bears - all are cared for by you - you are the mistress of all of them. 8.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)