Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.2.27: भले ही उनका हृदय शुद्ध प्रतीत हो, फिर भी विभिन्न प्रकार की वाणी और दिखावे से यह जानने का विशेष प्रयास किया जाना चाहिए कि वे किसी बुरी नीयत से तो नहीं आये हैं। | ramayan सर्ग 4.2: सुग्रीव तथा वानरों की आशङ्का, हनुमान्जी द्वारा उसका निवारण तथा सुग्रीव का हनुमान जी को श्रीराम-लक्ष्मण के पास उनका भेद लेने के लिये भेजना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भले ही उनका हृदय शुद्ध प्रतीत हो, फिर भी विभिन्न प्रकार की वाणी और दिखावे से यह जानने का विशेष प्रयास किया जाना चाहिए कि वे किसी बुरी नीयत से तो नहीं आये हैं।
Even if their hearts appear to be pure, special efforts should be made to find out through various types of speech and appearance whether they have come with any ill intentions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥