Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.19.12: श्री राम ने अपने वज्र के समान बाणों से बालि के द्वारा फेंके गए वृक्षों और बड़ी-बड़ी चट्टानों को बींधकर उसे मार डाला है। मानो वज्रधारी इन्द्र ने अपने वज्र से विशाल पर्वत को नष्ट कर दिया हो॥ 12॥ | ramayan सर्ग 4.19: अङ्गद सहित तारा का भागे हुए वानरों से बात करके वाली के समीप आना और उसकी दुर्दशा देखकर रोना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्षिप्तान् वृक्षान् समाविध्य विपुलाश्च तथा शिला:।
वाली वज्रसमैर्बाणैर्वज्रेणेव निपातित:॥ १२॥
अनुवाद
श्री राम ने अपने वज्र के समान बाणों से बालि के द्वारा फेंके गए वृक्षों और बड़ी-बड़ी चट्टानों को बींधकर उसे मार डाला है। मानो वज्रधारी इन्द्र ने अपने वज्र से विशाल पर्वत को नष्ट कर दिया हो॥ 12॥
Sri Rama has killed Vali by piercing the trees and the big rocks thrown by her with his thunderbolt-like arrows. It is as if Indra, the wielder of thunderbolt, has destroyed a great mountain with his thunderbolt.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥