Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.19.10: वालि की पत्नी के ये वचन सुनकर इच्छानुसार रूप धारण करने में समर्थ वानरों ने शुभ तारा देवी को संबोधित किया और एक स्वर में स्पष्ट शब्दों में यह समयोचित वचन कहा - ॥10॥ | ramayan सर्ग 4.19: अङ्गद सहित तारा का भागे हुए वानरों से बात करके वाली के समीप आना और उसकी दुर्दशा देखकर रोना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वालि की पत्नी के ये वचन सुनकर इच्छानुसार रूप धारण करने में समर्थ वानरों ने शुभ तारा देवी को संबोधित किया और एक स्वर में स्पष्ट शब्दों में यह समयोचित वचन कहा - ॥10॥
On hearing these words of Vali's wife, the monkeys, capable of assuming any form at will, addressed the auspicious Tara Devi and unanimously said the following timely statement in clear words - ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥