श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 18: श्रीराम का वाली की बात का उत्तर देते हुए उसे दिये गये दण्ड का औचित्य बताना,वाली का अपने अपराध के लिये क्षमा माँगते हुए अङ्गद की रक्षा के लिये प्रार्थना करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.18.9 
तस्य धर्मकृतादेशा वयमन्ये च पार्थिवा:।
चरामो वसुधां कृत्स्नां धर्मसंतानमिच्छव:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
‘हमें तथा अन्य राजाओं को भरत से आदेश मिला है कि हम संसार में धर्म का पालन और प्रचार करने का प्रयत्न करें। अतः हम धर्मप्रचार की इच्छा से सम्पूर्ण संसार में भ्रमण करते हैं।॥9॥
 
‘We and other kings have received orders from Bharata to make efforts to follow and propagate Dharma in the world. Therefore, we travel all over the world with the desire to propagate Dharma.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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