Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.18.34: यदि राजा दण्ड देने में लापरवाही करता है तो उसे दूसरों के किये हुए पाप भी भोगने पड़ते हैं और जब वह उनका प्रायश्चित करता है तभी उसके पाप नष्ट होते हैं ॥ 34॥ | ramayan सर्ग 4.18: श्रीराम का वाली की बात का उत्तर देते हुए उसे दिये गये दण्ड का औचित्य बताना,वाली का अपने अपराध के लिये क्षमा माँगते हुए अङ्गद की रक्षा के लिये प्रार्थना करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि राजा दण्ड देने में लापरवाही करता है तो उसे दूसरों के किये हुए पाप भी भोगने पड़ते हैं और जब वह उनका प्रायश्चित करता है तभी उसके पाप नष्ट होते हैं ॥ 34॥
If the king is negligent in giving punishment, then he has to suffer the sins committed by others too and only when he does penance for them, his sins are absolved.॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥