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ramayan 4.17.8: वीर श्री रामजी के धनुष से छूटा हुआ अस्त्र चलाने वाले के लिए स्वर्ग का मार्ग प्रकाशित कर देता था और उसे परम पद पर पहुँचा देता था।॥8॥   |   ramayan सर्ग 4.17: वाली का श्रीरामचन्द्रजी को फटकारना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 17: वाली का श्रीरामचन्द्रजी को फटकारना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  4.17.8 
तदस्त्रं तस्य वीरस्य स्वर्गमार्गप्रभावनम्।
रामबाणासनक्षिप्तमावहत् परमां गतिम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वीर श्री रामजी के धनुष से छूटा हुआ अस्त्र चलाने वाले के लिए स्वर्ग का मार्ग प्रकाशित कर देता था और उसे परम पद पर पहुँचा देता था।॥8॥
 
The weapon shot from the bow of the valiant Sri Rama illuminated the path to heaven for the one who shot it and took her to the supreme position. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)