श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 17: वाली का श्रीरामचन्द्रजी को फटकारना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  4.17.3 
अस्मिन् निपतिते भूमौ हर्यृक्षाणां गणेश्वरे।
नष्टचन्द्रमिव व्योम न व्यराजत मेदिनी॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वानर-भालुओं के समूह के नेता बालि के पतन के बाद यह पृथ्वी चन्द्रमारहित आकाश के समान तुच्छ हो गई ॥3॥
 
After the fall of Vali, the leader of the group of monkeys and bears, this earth became as despicable as the moonless sky. ॥ 3॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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