श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 17: वाली का श्रीरामचन्द्रजी को फटकारना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  4.17.29 
साम दानं क्षमा धर्म: सत्यं धृतिपराक्रमौ।
पार्थिवानां गुणा राजन् दण्डश्चाप्यपकारिषु॥ २९॥
 
 
अनुवाद
राजन! साम, दान, क्षमा, धर्म, सत्य, धैर्य, पराक्रम और अपराधियों को दण्ड देना - ये भूपालों के गुण हैं ॥29॥
 
King! Sama, charity, forgiveness, religion, truth, perseverance, bravery and punishing criminals - these are the qualities of Bhupalas. 29॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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