| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड » सर्ग 17: वाली का श्रीरामचन्द्रजी को फटकारना » श्लोक 19 |
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| | | | श्लोक 4.17.19  | दम: शम: क्षमा धर्मो धृति: सत्यं पराक्रम:।
पार्थिवानां गुणा राजन् दण्डश्चाप्यपकारिषु॥ १९॥ | | | | | | अनुवाद | | राजा! इन्द्रिय संयम, मन का संयम, क्षमा, धर्म, धैर्य, सत्य, पराक्रम और अपराधियों को दण्ड देना - ये राजा के गुण हैं ॥19॥ | | | | King! Control of senses, control of mind, forgiveness, religion, patience, truth, bravery and punishing criminals - these are the qualities of a king. 19॥ | | ✨ ai-generated | | |
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