Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.16.6-7: तुम इन स्त्रियों के साथ वापस चली जाओ। तुम बार-बार मेरे पीछे क्यों आ रही हो? तुमने मेरे प्रति अपना स्नेह दिखाया है। अपनी भक्ति भी दिखाई है। अब जाओ, अपनी घबराहट छोड़ दो। मैं आगे बढ़कर सुग्रीव का सामना करूँगा। मैं उसका अभिमान चूर-चूर कर दूँगा। लेकिन मैं उसके प्राण नहीं लूँगा। 6-7. | ramayan सर्ग 4.16: वाली का तारा को डाँटकर लौटाना और सुग्रीव से जूझना तथा श्रीराम के बाण से घायल होकर पृथ्वी पर गिरना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निवर्तस्व सह स्त्रीभि: कथं भूयोऽनुगच्छसि।
सौहृदं दर्शितं तावन्मयि भक्तिस्त्वया कृता॥ ६॥
प्रतियोत्स्याम्यहं गत्वा सुग्रीवं जहि सम्भ्रमम्।
दर्पं चास्य विनेष्यामि न च प्राणैर्वियोक्ष्यते॥ ७॥
अनुवाद
तुम इन स्त्रियों के साथ वापस चली जाओ। तुम बार-बार मेरे पीछे क्यों आ रही हो? तुमने मेरे प्रति अपना स्नेह दिखाया है। अपनी भक्ति भी दिखाई है। अब जाओ, अपनी घबराहट छोड़ दो। मैं आगे बढ़कर सुग्रीव का सामना करूँगा। मैं उसका अभिमान चूर-चूर कर दूँगा। लेकिन मैं उसके प्राण नहीं लूँगा। 6-7.
‘You go back with these women. Why are you following me again and again? You have shown your affection towards me. You have also shown your devotion. Now go, leave your nervousness. I will go ahead and face Sugreeva. I will shatter his pride. But I will not take his life. 6-7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥