Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.16.26-27h: वे शत्रु योद्धा अपने-अपने विरोधियों को मार डालने की इच्छा से एक-दूसरे की दुर्बलताएँ ढूँढ़ रहे थे; किन्तु उस युद्ध में विक्रमसम्पन्न का बल बढ़ने लगा और महाबली सूर्यपुत्र सुग्रीव का बल घटने लगा। | ramayan सर्ग 4.16: वाली का तारा को डाँटकर लौटाना और सुग्रीव से जूझना तथा श्रीराम के बाण से घायल होकर पृथ्वी पर गिरना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे शत्रु योद्धा अपने-अपने विरोधियों को मार डालने की इच्छा से एक-दूसरे की दुर्बलताएँ ढूँढ़ रहे थे; किन्तु उस युद्ध में विक्रमसम्पन्न का बल बढ़ने लगा और महाबली सूर्यपुत्र सुग्रीव का बल घटने लगा।
Those enemy warriors were looking for each other's weaknesses with the desire to kill their opponents; But in that war, the strength of Vikramsampanna started increasing and the power of the mighty Surya son Sugriva started decreasing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥