Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.16.23: तत्पश्चात् सुग्रीव ने भी बिना किसी संदेह के बड़े जोर से एक सालवृक्ष उखाड़कर बालि के शरीर पर दे मारा, मानो इन्द्र ने किसी विशाल पर्वत पर वज्र से प्रहार किया हो॥ 23॥ | ramayan सर्ग 4.16: वाली का तारा को डाँटकर लौटाना और सुग्रीव से जूझना तथा श्रीराम के बाण से घायल होकर पृथ्वी पर गिरना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुग्रीवेण तु नि:शङ्कं सालमुत्पाटॺ तेजसा।
गात्रेष्वभिहतो वाली वज्रेणेव महागिरि:॥ २३॥
अनुवाद
तत्पश्चात् सुग्रीव ने भी बिना किसी संदेह के बड़े जोर से एक सालवृक्ष उखाड़कर बालि के शरीर पर दे मारा, मानो इन्द्र ने किसी विशाल पर्वत पर वज्र से प्रहार किया हो॥ 23॥
Thereafter Sugreeva too, without any doubt, uprooted a sal tree with great force and threw it on Vali's body as if Indra had struck a huge mountain with a thunderbolt.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥