श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 16: वाली का तारा को डाँटकर लौटाना और सुग्रीव से जूझना तथा श्रीराम के बाण से घायल होकर पृथ्वी पर गिरना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.16.19 
तं वाली क्रोधताम्राक्ष: सुग्रीवं रणकोविदम्।
आपतन्तं महावेगमिदं वचनमब्रवीत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
जब वालि ने युद्धकला में निपुण सुग्रीव को अपनी ओर आते देखा, तब क्रोध से उसकी आँखें लाल हो गईं और वह इस प्रकार बोला :॥19॥
 
When Vali saw Sugreeva, an expert in the art of war, coming towards him, his eyes turned red with anger and he spoke thus:॥19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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