श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 16: वाली का तारा को डाँटकर लौटाना और सुग्रीव से जूझना तथा श्रीराम के बाण से घायल होकर पृथ्वी पर गिरना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  4.16.1 
तामेवं ब्रुवतीं तारां ताराधिपनिभाननाम्।
वाली निर्भर्त्सयामास वचनं चेदमब्रवीत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
चन्द्रमा के समान मुख वाली तारा को इस प्रकार बोलते देख वालि ने उसे डाँटकर इस प्रकार कहा -
 
Seeing Tara, who had a face like the moon, talking like this, Vali rebuked her and said thus -
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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