Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.15.8-9: वीर वानर! कल प्रातःकाल तुम्हें सुग्रीव के साथ युद्ध करना होगा (अभी रुक जाओ) यद्यपि युद्ध में तुमसे बड़ा कोई शत्रु नहीं है और तुम किसी से कम नहीं हो। तथापि तुम्हारा इस समय अचानक घर से निकल जाना मुझे अच्छा नहीं लग रहा है, तुम्हें रोकने का एक विशेष कारण है। वह मैं तुमसे कहता हूँ, सुनो॥8-9॥ | ramayan सर्ग 4.15: सुग्रीव की गर्जना सुनकर वाली का युद्ध के लिये निकलना और तारा का उसे रोककर सुग्रीव और श्रीराम के साथ मैत्री कर लेने के लिये समझाना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
काल्यमेतेन संग्रामं करिष्यसि च वानर।
वीर ते शत्रुबाहुल्यं फल्गुता वा न विद्यते॥ ८॥
सहसा तव निष्क्रामो मम तावन्न रोचते।
श्रूयतामभिधास्यामि यन्निमित्तं निवार्यते॥ ९॥
अनुवाद
वीर वानर! कल प्रातःकाल तुम्हें सुग्रीव के साथ युद्ध करना होगा (अभी रुक जाओ) यद्यपि युद्ध में तुमसे बड़ा कोई शत्रु नहीं है और तुम किसी से कम नहीं हो। तथापि तुम्हारा इस समय अचानक घर से निकल जाना मुझे अच्छा नहीं लग रहा है, तुम्हें रोकने का एक विशेष कारण है। वह मैं तुमसे कहता हूँ, सुनो॥8-9॥
Veer the monkey! Tomorrow morning you must fight with Sugreeva (stop now) although in war no enemy is greater than you and you are not inferior to anyone. However, I do not like your sudden exit from the house at this time, there is a special reason for stopping you. I will tell you that, listen.॥ 8-9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥