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ततो रोषपरीताङ्गो वाली स कनकप्रभ:।
उपरक्त इवादित्य: सद्यो निष्प्रभतां गत:॥ ३॥
अनुवाद
तब उस स्वर्णिम पीतवर्ण वाले पुरुष का सारा शरीर क्रोध से दग्ध हो गया और वह राहु से पीड़ित सूर्य के समान दीन-हीन दिखाई देने लगा।
Then the whole body of the one with a golden yellow complexion became inflamed with anger. He instantly started looking destitute like the Sun affected by Rahu. 3.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥