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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 15: सुग्रीव की गर्जना सुनकर वाली का युद्ध के लिये निकलना और तारा का उसे रोककर सुग्रीव और श्रीराम के साथ मैत्री कर लेने के लिये समझाना  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  4.15.23-24h 
यौवराज्येन सुग्रीवं तूर्णं साध्वभिषेचय॥ २३॥
विग्रहं मा कृथा वीर भ्रात्रा राजन् यवीयसा।
 
 
अनुवाद
बेहतर होगा कि आप शीघ्र ही सुग्रीव का युवराज पद पर अभिषेक कर दें। वीर वानरराज! सुग्रीव आपका छोटा भाई है, उससे युद्ध न करें।
 
It would be better if you anoint Sugreeva as the crown prince soon. Brave monkey king! Sugreeva is your younger brother, do not fight with him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)