Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.15.11: वह आपसे पराजित होकर अत्यन्त पीड़ित होकर भी पुनः यहाँ आया है और आपको युद्ध के लिए ललकार रहा है। उसका यह लौटना मेरे मन में संदेह उत्पन्न कर रहा है॥ 11॥ | ramayan सर्ग 4.15: सुग्रीव की गर्जना सुनकर वाली का युद्ध के लिये निकलना और तारा का उसे रोककर सुग्रीव और श्रीराम के साथ मैत्री कर लेने के लिये समझाना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह आपसे पराजित होकर अत्यन्त पीड़ित होकर भी पुनः यहाँ आया है और आपको युद्ध के लिए ललकार रहा है। उसका यह लौटना मेरे मन में संदेह उत्पन्न कर रहा है॥ 11॥
Despite being defeated and greatly afflicted by you, he has again come here and is challenging you for a fight. This return of his is giving rise to a doubt in my mind.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥