Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.14.21: जैसे युद्धभूमि में शस्त्रों की चोट खाकर घोड़े भागते हैं, वैसे ही मृग बड़े वेग से दौड़ने लगे और जैसे पुण्य नष्ट हो गए हों, वैसे ही पक्षी आकाश से पृथ्वी पर गिरने लगे। | ramayan सर्ग 4.14: वाली-वध के लिये श्रीराम का आश्वासन पाकर सुग्रीव की विकट गर्जना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रवन्ति च मृगा: शीघ्रं भग्ना इव रणे हया:।
पतन्ति च खगा भूमौ क्षीणपुण्या इव ग्रहा:॥ २१॥
अनुवाद
जैसे युद्धभूमि में शस्त्रों की चोट खाकर घोड़े भागते हैं, वैसे ही मृग बड़े वेग से दौड़ने लगे और जैसे पुण्य नष्ट हो गए हों, वैसे ही पक्षी आकाश से पृथ्वी पर गिरने लगे।
The deer began running at a great speed like horses run away after being struck by weapons on the battlefield and the birds began falling to the earth from the sky like planets whose virtues have been destroyed.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥