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ramayan 4.14.20-21h: उस गर्जना से भयभीत होकर वे बड़े-बड़े बैल शक्तिहीन हो गए और राजा की पत्नियों की भाँति व्याकुल होकर सब दिशाओं में भाग गए, जो राजा के दोष के कारण दूसरे पुरुषों द्वारा बंदी बना ली जाती हैं।   |   ramayan सर्ग 4.14: वाली-वध के लिये श्रीराम का आश्वासन पाकर सुग्रीव की विकट गर्जना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 14: वाली-वध के लिये श्रीराम का आश्वासन पाकर सुग्रीव की विकट गर्जना  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  4.14.20-21h 
तत्र शब्देन वित्रस्ता गावो यान्ति हतप्रभा:॥ २०॥
राजदोषपरामृष्टा: कुलस्त्रिय इवाकुला:।
 
 
अनुवाद
उस गर्जना से भयभीत होकर वे बड़े-बड़े बैल शक्तिहीन हो गए और राजा की पत्नियों की भाँति व्याकुल होकर सब दिशाओं में भाग गए, जो राजा के दोष के कारण दूसरे पुरुषों द्वारा बंदी बना ली जाती हैं।
 
Frightened by that roar, the large bulls became powerless and fled in all directions, distraught like the wives of the king who are captured by other men due to the fault of the king.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)