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ramayan 4.14.19-20h: श्री राम के ये वचन सुनकर सुग्रीव, जिनका वर्ण स्वर्ण के समान लाल था, भयंकर गर्जना के साथ कठोर स्वर में ऐसे गरजे, मानो आकाश को फाड़ रहे हों।   |   ramayan सर्ग 4.14: वाली-वध के लिये श्रीराम का आश्वासन पाकर सुग्रीव की विकट गर्जना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.14.19-20h 
स तु रामवच: श्रुत्वा सुग्रीवो हेमपिङ्गल:॥ १९॥
ननर्द क्रूरनादेन विनिर्भिन्दन्निवाम्बरम्।
 
 
अनुवाद
श्री राम के ये वचन सुनकर सुग्रीव, जिनका वर्ण स्वर्ण के समान लाल था, भयंकर गर्जना के साथ कठोर स्वर में ऐसे गरजे, मानो आकाश को फाड़ रहे हों।
 
Upon hearing these words of Sri Rama, Sugreeva, whose complexion was as red as gold, roared terrifyingly in a harsh voice, as if tearing the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)