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ramayan 4.13.27: तब श्रीराम ने अपने भाई लक्ष्मण के साथ हाथ जोड़कर उन महान ऋषियों को प्रणाम किया।   |   ramayan सर्ग 4.13: श्रीराम आदि का मार्ग में वृक्षों, विविधजन्तुओं, जलाशयों तथा सप्तजन आश्रम का दूर से दर्शन करते हुए पुनः किष्किन्धापुरी में पहुँचना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 13: श्रीराम आदि का मार्ग में वृक्षों, विविधजन्तुओं, जलाशयों तथा सप्तजन आश्रम का दूर से दर्शन करते हुए पुनः किष्किन्धापुरी में पहुँचना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  4.13.27 
ततो राम: सह भ्रात्रा लक्ष्मणेन कृताञ्जलि:।
समुद्दिश्य महात्मानस्तानृषीनभ्यवादयत्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तब श्रीराम ने अपने भाई लक्ष्मण के साथ हाथ जोड़कर उन महान ऋषियों को प्रणाम किया।
 
Then Sri Rama along with his brother Lakshmana folded his hands and bowed before those great sages.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)