Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.12.32: हे वानरश्रेष्ठ! मैं तुम दोनों की समानता देखकर इतना मोहित हो गया था कि तुम्हें पहचान न सका; इसलिए मैंने अपना वह अत्यन्त शक्तिशाली बाण नहीं छोड़ा जो शत्रुओं का संहार कर सकता है। | ramayan सर्ग 4.12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे वानरश्रेष्ठ! मैं तुम दोनों की समानता देखकर इतना मोहित हो गया था कि तुम्हें पहचान न सका; इसलिए मैंने अपना वह अत्यन्त शक्तिशाली बाण नहीं छोड़ा जो शत्रुओं का संहार कर सकता है।
O best of the monkeys! I was so enamoured by the similarity between you two that I could not recognize you; therefore I did not release my very powerful arrow which can kill enemies.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥